कर्नाटक कांग्रेस कलह, सिद्धारमैया बोले- हाईकमान का फैसला हर कोई मानेगा
बेंगलुरु: कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक के बाद राज्य के मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि लीडरशिप में बदलाव सिर्फ कयास है. ये कयास मीडिया ने लगाया है.
मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने शनिवार रात मल्लिकार्जुन खड़गे से उनके सदाशिवनगर स्थित घर पर मुलाकात कर और दोनों नेताओं ने करीब डेढ़ घंटे तक चर्चा की. सत्ता के बंटवारे पर बहस के बीच दोनों नेताओं की लंबी बैठक ने काफी उत्सुकता पैदा कर दी.
बैठक के बाद मुख्यमंत्री सिद्धारमैया ने कहा कि मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक के दौरान हमने पार्टी संगठन के बारे में बात की. स्थानीय निकाय चुनाव आ रहे हैं. तालुक पंचायत चुनाव, जिला पंचायत चुनाव, और जीबीए एरिया में नगर पालिका चुनाव पर बात हुई. उन्होंने कहा कि यह बस एक मैत्रीपूर्ण बैठक थी.
मंत्रिमंडल में फेरबदल के बारे में कोई चर्चा नहीं हुई. लीडरशिप में बदलाव के बारे में सिर्फ अंदाजे लगाए जा रहे थे. उन्होंने कहा कि आपने ही वो अंदाजा लगाया है. हालांकि मुख्यमंत्री ने सत्ता हस्तांतरण के बारे में कोई जानकारी नहीं दी. जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने खड़गे से दिल्ली में कुछ विधायकों के साथ अपनी बैठक के बारे में पूछा था, तो उन्होंने कहा, 'नहीं, मैंने उनसे इस बारे में नहीं पूछा है. मुझे यह जानकारी इंटेलिजेंस डिपार्टमेंट से मिली है. मैंने खड़गे से इस बारे में बात नहीं की है. यह बस एक फ्रेंडली मीटिंग थी.'
जब उनसे पूछा गया कि क्या वह कुंठित हैं, तो उन्होंने कहा, 'मैं कुंठित नहीं हूं. मैं कभी कुंठित नहीं रहा. आप मुझसे पूछते हैं कि क्या मैं कुंठित हूं. मेरे हमेशा कुंठित होने का कोई सवाल ही नहीं है. मैं बहुत ज्यादा खुश भी नहीं हूं. सिद्धारमैया ने साफ किया.
हाईकमान का फैसला मानना होगा
नेतृत्व परिवर्तन को लेकर कांग्रेस विधायकों के दिल्ली जाने के मुद्दे पर उन्होंने कहा, 'उन्हें दिल्ली जाने दें. आखिर में हाईकमान जो भी फैसला लेगा उसे सभी को मानना होगा. सभी मंत्रियों को सहमत होना होगा. मुझे भी सहमत होना होगा और डीके शिवकुमार को भी सहमत होना होगा. नेतृत्व परिवर्तन को लेकर मल्लिकार्जुन खड़गे को कोई प्रस्ताव नहीं दिया गया है.'
सूत्रों ने बताया कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ बैठक में कई मुद्दों पर चर्चा हुई. इसमें मौजूदा तेजी से हो रहे राजनीतिक घटनाक्रम, कैबिनेट में फेरबदल और सत्ता हस्तांतरण के मुद्दों पर चर्चा हुई.

कान में सरसों का तेल डालना: सुरक्षित या खतरनाक?
क्यों मनाया जाता है विश्व होम्योपैथी दिवस? जानें इसका इतिहास
मौसम बदलते ही डायबिटीज मरीजों पर बढ़ता खतरा, ऐसे रखें अपना ध्यान
David Warner ने ड्राइविंग से पहले शराब पीने की बात कबूली
Rani Durgavati Vishwavidyalaya में डॉ. सुरेंद्र सिंह बने छात्र कल्याण अधिष्ठाता
ईरान तनाव के बीच भारत-बांग्लादेश कूटनीति तेज, डोभाल-खलीलुर रहमान की डिनर मीट पर सबकी निगाह
शहर में दो दिन तक मिलेगा जैविक सब्जियों का स्वाद
नामांकन के बाद ममता बनर्जी की हुंकार: बंगाल में SIR पर कानूनी लड़ाई जारी, 91 लाख नाम कटना चिंताजनक
दिल्ली की बल्लेबाजी बनाम गुजरात की मजबूत गेंदबाजी दिलचस्प
स्टे के बावजूद सुनवाई करने वाले जज के आदेश रद्द