नई दिल्लीः पुरानी दिल्ली (वॉल्ड सिटी) की विरासत को फिर से संवारने और चांदनी चौक के सुनियोजित विकास की कवायद एक बार फिर शुरू होने जा रही है। इसी के तहत दिल्ली सरकार जल्द ही शाहजहांनाबाद पुनर्विकास निगम ( SRDC ) का दोबारा गठन करेगी ताकि पुरानी दिल्ली का पुराना गौरव लौटाया जा सके। इससे यहां के लोगों और व्यापारियों को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है।

इसी मुद्दे पर बुधवार को मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने दिल्ली सचिवालय में एक उच्चस्तरीय बैठक बुलाई। बैठक में चांदनी चौक लोकसभा के सांसद प्रवीण खंडेलवाल, दिल्ली सरकार के शहरी विकास मंत्री आशीष सूद, एसआरडीसी, पीडब्ल्यूडी, दिल्ली नगर निगम और दिल्ली पुलिस के सीनियर अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में यह सहमति बनी कि वॉल्ड सिटी का दोबारा विकास बेहद जरूरी है।

लापरवाही की वजह से यह इलाका बदहाल
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने कहा कि उनकी सरकार पुराने शहर के समग्र विकास के लिए बड़ी योजनाएं तैयार कर रही है। पिछली सरकार की लापरवाही की वजह से यह इलाका बदहाल हुआ है। सांसद प्रवीण खंडेलवाल ने कहा कि शाहजहांनाबाद पुनर्विकास निगम बेकार पड़ा है क्योंकि पिछली सरकार ने इसके जरिए पुरानी दिल्ली के विकास में कोई दिलचस्पी नहीं दिखाई। उन्होंने SRDC का नाम बदलने का भी सुझाव दिया है।

इलाके का पुराना रूप जा सके लौटाया
शहरी विकास मंत्री आशीष सूद ने कहा कि पुरानी दिल्ली के दोबारा विकास के लिए हैरिटेज संरक्षण में विशेषज्ञता रखने वाली कंपनियों की मदद ली जानी चाहिए ताकि इस इलाके का पुराना रूप लौटाया जा सके। उन्होंने कहा कि पुरानी दिल्ली की हैरिटेज इमारतों में व्यापारिक गतिविधियों पर पूरी तरह रोक जरूरी है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने साफ कहा कि उनकी सरकार वॉल्ड सिटी का गौरव लौटाने को पूरी तरह तैयार है।

कौन-सी समस्याओं का समाधान जरूरी?
चांदनी चौक के दोबारा विकास पर पिछली सरकार ने काफी पैसा खर्च किया था और कई काम भी कराए थे, लेकिन कुछ ही समय में पूरे इलाके की हालत फिर खराब होने लगी है। जानकारों का कहना है कि चांदनी चौक को बेहतर बनाने के लिए सबसे जरूरी है कि पूरे इलाके के सीवरेज सिस्टम को ठीक किया जाए ताकि यहां बार-बार होने वाला जलभराव रुक सके। इसके साथ ही पूरे इलाके में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारकर सख्ती से नए नियम लागू करने होंगे। पिछली बार गाड़ियों की एंट्री रोकने की कोशिश की गई थी लेकिन यह प्रयास सफल नहीं हो सका। इसके अलावा अतिक्रमण हटाने, बिजली के तारों को अंडरग्राउंड करने, पार्किंग, सुरक्षा और कचरा मैनेजमेंट के लिए भी ठोस कदम उठाने होंगे।