टिकटॉक विवाद सुलझा, अमेरिकी निवेशकों द्वारा ऐप का संचालन होगा नियंत्रित और सुरक्षित
नई दिल्ली। लंबे समय से टिकटॉक को लेकर चीन और अमेरिका के बीच होने वाली डील पर सभी की नजर थी। अब सभी प्रकार के संशय के पर्दा उठ गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने गुरुवार को अमेरिका में चीनी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म टिकटॉक के भविष्य को पक्का कर दिया।
अमेरिका और चीन के बीच इस प्लेटफॉर्म को लेकर डील हो गई। ट्रंप के हस्ताक्षर के बाद चीन के इस सोशल मीडिया एप पर अमेरिका में इसे चलाने की जिम्मेदारी अमेरिकी निवेशकों की होगी। वहीं, इसके अमेरिकी वर्जन पर भी पूरा अधिकार अमेरिका का ही होगा।
ट्रंप ने किए ऐतिहासिक डील पर हस्ताक्षर
गुरुवार को डोनल्ड ट्रंप ने इस ऐतिहासिक डील पर साइन करने के बाद कहा कि हमारे देश के युवा यही चाहते थे और यह हमारे युवाओं के लिए काफी अच्छा है।
गुरुवार को व्हाइट हाउस में 14 मिलियन की इस खरीद के आदेश पर हस्ताक्षर करते हुए डोनल्ड ट्रंप ने कहा कि यह काफी दिलचस्प है कि मैंने राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ इस मु्द्दे पर काफी अच्छे से बात की। मेरे मन में शी चिनफिंग को लेकर काफी सम्मान है। इसी के साथ उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि चिनफिंग भी मेरा सम्मान करते हैं।
ट्रंप ने बताया कि शी चिनंफिंग से उन्होंने टिकटॉक के विषय पर बात की और उन्होंने इसपर सहमति दे दी। यह अमेरिकी निवेशकों द्वारा चलाया जाएगा। साथ ही हमारे देश के युवा भी यही चाहते थे। यह डील उनके लिए ही है। हमारे पास अमेरिकी निवेशक हैं, जो इसे संभाल रहे हैं।
अमेरिका में कई साल से जारी रहा है टिकटॉक का विवाद
जानकारी दें कि अमेरिका और चीन के बीच टिकटॉक को लेकर काफी पहले से विवाद रहा है। ये विवाद पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन के कार्यकाल के समय से ही है। पूर्व राष्ट्रपति जो बाइडेन ने टिकटॉक का मालिकान हक रखने वाली कंपनी बाइटडांस को आदेश जारी किया था। इस आदेश में कहा गया कि बाइटडांस टिकटॉक का मालिकाना हक किसी अमेरिकी कंपनी को बेच दें, वरना बैन के लिए तैयार रहें।
चीन और अमेरिका में टिकटॉक पर क्या हुई डील?
बता दें कि टिकटॉक पर मालिकाना हक वर्तमान में केवल बाइटडांस का ही है। हालांकि, इस डील के बाद अमेरिका में इस प्लेटफॉर्म का एक बड़ा शेयर अमेरिका की कंपनी को चला जाएगा। केवल 20 प्रतिशत ही शेयर मूल कंपनी के पास रह जाएगा। नई डील के बाद अब अमेरिका में इस प्लेटफॉर्म पर क्या देखा जाएगा, यह अमेरिका ही तय करेगा।
इस डील पर क्या बोले जेडी वेंस?
वहीं, अमेरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच हुई यह डील सुनिश्चित करेगी कि अमेरिकी निवेशक उस एल्गोरिदम को नियंत्रित करें, जो यूजर्स को दिखता है। उन्होंने कहा कि हम नहीं चाहते हैं कि इसका उपयोग किसी भी विदेशी सरकार द्वारा प्रचार उपकरण के रूप किया जाए।

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