बांस आभूषण एवं शिल्पकला निर्माण पर कार्यशाला का आयोजन
रायपुर : वनमंत्री केदार कश्यप के निर्देशानुसार राज्य सरकार की आजीविका संवर्धन योजनाओं के अंतर्गत विशेष पिछड़ी जनजातियों को स्वरोजगार से जोड़ने के लिए विभिन्न प्रयास किए जा रहे हैं। वनमंत्री कश्यप ने कहा कि वन विभाग का यह प्रयास न केवल पारंपरिक कला को सहेजने की दिशा में कारगर सिद्ध होगा, बल्कि इससे विशेष पिछड़ी जनजातीय समुदाय को आर्थिक रूप से सशक्त कर विकास की मुख्यधारा से भी जोड़ा जा सकेगा।
इसी कड़ी में बलौदाबाजार वनमण्डलाधिकारी धम्मशील गणवीर के मार्गदर्शन में बारनवापारा में बांस आभूषण एवं शिल्पकला निर्माण संबंधी कार्यशाला सह प्रशिक्षण का आयोजन किया जा रहा है। इसमें गुवाहाटी (असम) के बांस कला विशेषज्ञ प्रशिक्षण प्रदान कर रहे हैं। इस कार्यशाला सह प्रशिक्षण कार्यक्रम में बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के ग्राम बल्दाकछार से 06, ठाकुरदिया से 14 एवं बारनवापारा से 16 सहित कुल 36 हितग्राहियों को दो चरणों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है।
प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य विशेष पिछड़ी जनजातियों विशेषकर कमार और बसोड़ परिवारों को उनकी पारंपरिक बांस शिल्पकला में निपुण बनाकर आय के नए-नए साधन उपलब्ध कराना है। प्रशिक्षण के बाद हितग्राहियों द्वारा बनाए गए बांस आभूषण एवं शिल्पकला उत्पादों को प्रदेश सहित देश के विभिन्न बाजारों में विक्रय किया जाएगा।

EVM और चुनाव प्रक्रिया पर Gaurav Gogoi ने उठाए सवाल
भीषण गर्मी में राहत: सुखबासुपारा में नलकूप खनन से दूर हुई पेयजल समस्या, ग्रामीणों ने मुख्यमंत्री का जताया आभार
Iran का 30 दिन का शांति प्रस्ताव—सुलह या नई चाल?
शकरकंद के फायदे जानकर चौंक जाएंगे, सेहत के लिए बेहद लाभकारी
Delhi-NCR में बारिश और ओलावृष्टि, अचानक बदला मौसम का मिजाज
टिकट के बदले पांच करोड़ मांगने का आरोप, मनोज तिवारी ने मचाई सियासी हलचल
RR की बिक्री को लेकर विवाद गहराया, काल सोमानी ग्रुप ने लगाए आरोप
70 साल के हाजी खलील ने चौथा निकाह कर फिर मचाई चर्चा
United States का Beijing पर दबाव, टैरिफ पर सख्त रुख
कार्यकर्ताओं पर भी कार्रवाई होगी, भाजपा ने दिए कड़े संकेत