3 दुर्लभ संयोग में नाग पंचमी... इस खास योग में करें पूजा! खत्म हो जाएगा काल सर्प दोष
सनातन धर्म में हर महीने का विशेष महत्व होता है. लेकिन सावन के पवित्र महीने की बात ही कुछ अलग है. यह महीना भगवान शंकर को समर्पित होता है. इस पूरे महीने श्रद्धालु व्रत, उपवास और शिव पूजन के माध्यम से भगवान शंकर को प्रसन्न कर उनकी कृपा प्राप्त करते हैं. इसी सावन के महीने की पंचमी तिथि को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाता है. वहीं ज्योतिष गणना के अनुसार इस बार नाग पंचमी पर कई दुर्लभ संयोग बन रहे हैं. तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से जानते हैं कि कब है नाग पंचमी, क्या है शुभ योग और पूजा का महत्व.
कि हिंदू पंचांग के अनुसार 29 जुलाई को नाग पंचमी का पर्व मनाया जाएगा. वैदिक पंचांग के अनुसार सावन महीने की पंचमी तिथि की शुरुआत 28 जुलाई की रात 11:28 बजे से होगी वहीं 29 जुलाई की रात 12:23 बजे पर इसका समापन होगा. उदया तिथि के अनुसार नाग पंचमी 29 जुलाई को मनाई जाएगी. ज्योतिष गणना के अनुसार इस दिन शिव योग, सर्वार्थ सिद्धि योग और सिद्धि योग का संयोग बन रहा है, जिसमें नागदेव की पूजा करने से शुभ फल प्राप्त होगा.
कब है नाग पंचमी पर पूजा का शुभ मुहूर्त?
कल्कि राम बताते हैं कि नाग पंचमी के दिन पूजा का शुभ मुहूर्त सुबह 4:32 बजे से लेकर दोपहर 1:25 बजे तक रहेगा. अगर आपके पास नाग मंदिर नहीं है तो शिवलिंग पर दूध, लावा, पुष्प और चावल अर्पित करके नाग देवता की पूजा करनी चाहिए. इस दिन व्रत रखने और ब्राह्मण अथवा गरीब को खीर का भोग खिलाने से पुण्य की प्राप्ति होती है और ग्रह दोष भी शांत होते हैं.अगर किसी व्यक्ति की कुंडली में कालसर्प योग अथवा राहु-केतु दोष है तो इस पूरे दिन विधि-विधान पूर्वक पूजा करने से नाग देवता की विशेष कृपा प्राप्त होगी और सभी तरह के दोष से मुक्ति मिलेगी.

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