मध्यप्रदेश में बड़ा प्रशासनिक बदलाव, मुख्यमंत्री सचिवालय में शीर्ष फेरबदल
भोपाल: मध्यप्रदेश सरकार ने एक बार फिर प्रशासनिक मोर्चे पर बड़ा कदम उठाते हुए मुख्यमंत्री सचिवालय सहित कुल 9 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इस फेरबदल में कुछ अधिकारियों को अहम जिम्मेदारियाँ सौंपी गई हैं, जबकि कुछ से उनके पूर्व कार्यभार वापस ले लिए गए हैं।
नीरज मंडलोई बने मुख्यमंत्री के नए अपर मुख्य सचिव
राज्य सरकार ने डॉ. राजेश राजौरा को मुख्यमंत्री कार्यालय से हटाकर उनकी जगह नीरज मंडलोई को नया अपर मुख्य सचिव (मुख्यमंत्री) नियुक्त किया है। यह बदलाव प्रशासनिक दृष्टि से काफी अहम माना जा रहा है, जिसे मुख्यमंत्री कार्यालय में नई कार्यशैली और ऊर्जा लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
डॉ. राजौरा को नई जिम्मेदारियाँ
हालांकि डॉ. राजौरा को मुख्यमंत्री सचिवालय से हटाया गया है, लेकिन उन्हें निम्नलिखित प्रमुख जिम्मेदारियाँ दी गई हैं: अपर उपाध्यक्ष, नर्मदा घाटी विकास विभाग , प्रबंध संचालक, नर्मदा बेसिन प्रोजेक्ट कंपनी लिमिटेड ,अपर मुख्य सचिव, जल संसाधन विभाग (अतिरिक्त प्रभार)
अन्य प्रमुख तबादले इस प्रकार हैं: संजय दुबे – बने अपर मुख्य सचिव, नगरीय विकास एवं आवास विभाग, संजय कुमार शुक्ल – नियुक्त अपर मुख्य सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग (GAD), राखी सहाय – बनीं मध्यप्रदेश लोक सेवा आयोग (MPPSC) की नई सचिव, डीपी आहूजा – नियुक्त प्रमुख सचिव , सहकारिता विभाग , एम.सेलवेन्द्रन – बने सचिव, कार्मिक एवं सामान्य प्रशासन विभाग , निशांत वरवड़े – नियुक्त सचिव कृषि विभाग , प्रबल सिपाहा – बने आयुक्त, उच्च शिक्षा विभाग
राजनीतिक संकेत:
नीरज मंडलोई की मुख्यमंत्री कार्यालय में वापसी को प्रशासनिक संरचना में बदलाव और राजनीतिक रणनीति के हिस्से के तौर पर देखा जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी राजेश राजौरा को हटाना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार मुख्यमंत्री सचिवालय में कार्यकुशलता और तीव्रता लाना चाहती है।
निष्कर्ष:
इन तबादलों से प्रशासनिक मशीनरी में नया संतुलन और गति आने की संभावना है। आने वाले समय में इसका प्रभाव मुख्यमंत्री कार्यालय और संबंधित विभागों की कार्यशैली पर देखने को मिलेगा।

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