नर्सिंग संवर्ग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए आवश्यक प्रक्रिया शीघ्र करें पूर्ण: उप मुख्यमंत्री शुक्ल
भोपाल : उप मुख्यमंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने निर्देश दिए हैं कि नर्सिंग संवर्ग के रिक्त पदों पर सीधी भर्ती के लिए भर्ती नियमों में आवश्यक संशोधन कर कर्मचारी चयन मण्डल को त्वरित रूप से मांग पत्र प्रेषित किए जाएं। फार्मासिस्ट ग्रेड-2, नेत्र सहायक तथा ओ.टी. टेक्नीशियन के पदों की पूर्ति के लिये भी भर्ती प्रक्रिया शीघ्र आरंभ करने के भी निर्देश दिए गए। मेडिकल कॉलेजों में आउटसोर्स से नियुक्ति संबंधी वर्तमान व्यवस्था में केवल अकुशल पदों की स्वीकृति है, जबकि विभागीय समिति द्वारा कुशल पदों की आवश्यकता को रेखांकित किया गया है। इस विषय में व्यावहारिक आवश्यकताओं के दृष्टिगत प्रस्ताव तैयार कर केबिनेट में प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिससे उच्च स्तरीय सेवाओं का विधिवत एवं गुणवत्तापूर्ण प्रदाय सुनिश्चित हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने मंत्रालय भोपाल में विभागीय योजनाओं, भर्ती प्रक्रिया, अधोसंरचना विकास, मानव संसाधन सुदृढ़ीकरण और चिकित्सा सेवाओं की गुणवत्ता की वृहद समीक्षा कर महत्वपूर्ण निर्देश दिए।
बंधपत्रधारी चिकित्सकों की बेहतर उपयोगिता के लिए ओरिएंटेशन के निर्देश
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने ग्वालियर मेडिकल कॉलेज में कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जरी (सीटीवीएस) विभाग की स्थापना के लिये प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए, जिससे हृदय रोगों विशेष रूप से बायपास सर्जरी की सुविधा ग्वालियर संभाग में सुलभ हो सके। इसी प्रकार इंदौर मेडिकल कॉलेज में नवजात एवं बाल चिकित्सा (पीडियाट्रिक्स/नियोनेटोलॉजी) विभाग की स्थापना की कार्यवाही शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश भी दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने पूर्व की निवेश नीति के अंतर्गत लंबित प्रकरणों के समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिये। बंधपत्रधारी चिकित्सकों की जिला स्तर पर कलेक्टर एवं मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी की उपस्थिति में अभिमुखीकरण (ओरिएंटेशन) करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि चिकित्सकों को सेवा की महत्ता, दायित्व एवं प्रभावी संचालन के लिए प्रेरित करना और ज़िम्मेदारियों से अवगत होना आवश्यक है जिससे उनकी उपयोगिता को बेहतर बनाकर स्वास्थ्य सेवाओं को सुदृढ़ किया जा सके।
फार्मेसी काउंसिल में पंजीयन एवं नियामक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने के दिए निर्देश
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने एचआरपी (हाई रिस्क प्रेगनेंसी) केंद्रों पर धात्री महिलाओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाएं एक ही कक्ष में उपलब्ध कराने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। जिससे उनकी देखभाल सहज, सुरक्षित और समेकित रूप में संभव हो सके। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने फार्मेसी काउंसिल में पंजीयन एवं नियामक प्रक्रियाओं को सरल एवं पारदर्शी बनाने के लिए नियमों में आवश्यक परिवर्तन की कार्यवाही की समीक्षा की और शीघ्र प्रक्रिया पूर्ण करने के निर्देश दिए। उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम अंतर्गत 600 आयुष मेडिकल ऑफिसर की नियुक्ति की प्रक्रिया को शीघ्र प्रारंभ करने के निर्देश दिए। उन्होंने जिला अस्पतालों में फोरेंसिक विशेषज्ञों की नियुक्ति के लिए भी कार्ययोजना तैयार करने के निर्देश दिए गए, जिससे कानूनी प्रकरणों एवं पोस्टमार्टम संबंधी कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके।
मेडिकल कॉलेजों में ऑन्को सर्जरी विभाग की स्थापना के निर्देश
उप मुख्यमंत्री शुक्ल ने आउटसोर्स मॉडल पर मेडिकल कॉलेजों में कैथ लैब की स्थापना के लिए दिशा-निर्देशों पर भी चर्चा की। उन्होंने प्रधानमंत्री आत्मनिर्भर स्वस्थ भारत योजना (पीएम-अभीम) अंतर्गत स्वीकृत राशि का उपयोग वर्ष 2026 तक पूर्ण रूप से सुनिश्चित किए जाने के लिए समयबद्ध योजना तैयार कर आवश्यक कार्यवाही प्राथमिकता से पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्रदेश के प्रमुख मेडिकल कॉलेजों में ऑन्को सर्जरी विभाग की स्थापना के लिए कार्य योजना को अंतिम रूप देने के निर्देश दिए। जिससे प्रदेश के हर क्षेत्र में कैंसर रोगियों को उत्कृष्ट उपचार सुविधा मिल सके। बैठक में प्रमुख सचिव संदीप यादव एवं आयुक्त तरुण राठी उपस्थित रहे।

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