बालाघाट में 6 महीने में 10 एनकाउंटर, डीजीपी बोले – नक्सलवाद अब खत्म होने की कगार पर
इंदौर: मध्य प्रदेश के डीजीपी कैलाश मकवाना एक दिन दौरे पर इंदौर आए हुए थे. इस दौरान उन्होंने मीडिया से बात करते हुए मध्य प्रदेश में नक्सल प्रभावित जिले बालाघाट को लेकर कई तरह की बातों का जिक्र किया. उन्होंने कहा, ''बालाघाट में हमने प्रभावी कार्रवाई की है. 6 महीनों में 10 एनकाउंटर कर नक्सलियों को धराशायी किया है. निश्चित तौर पर आने वाले दिनों में हम नक्सलियों का पूरी तरीके से खात्मा कर देंगे."
नक्सल आज की सबसे बड़ी समस्या
डीजीपी कैलाश मकवाना ने नक्सल ऑपरेशन को लेकर कहा, नक्सल समस्या आज के समय की सबसे बड़ी आंतरिक सुरक्षा की चुनौती है. पिछले कुछ दिनों में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के मार्गदर्शन के माध्यम से इस नक्सली समस्या को समाप्त करने को लेकर योजना बनाई जा रही है. छत्तीसगढ़ में काफी नक्सलियों को लेकर प्रभावी कार्रवाई की गई और कई एनकाउंटर किए गए.
बालाघाट क्षेत्र नक्सलियों से प्रभावित
उन्होंने कहा, मध्य प्रदेश में यह समस्या सीमित है. मध्य प्रदेश के बालाघाट, मंडला और डिंडोरी में थोड़ी बहुत नक्सली प्रभावित समस्या मौजूद है. सबसे ज्यादा बालाघाट क्षेत्र नक्सलियों से प्रभावित है. लेकिन वहां पर वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा लगातार मॉनिटरिंग की जा रही है और हमारी हाफ फोर्स के माध्यम से 325 अलग से पद स्वीकृत हुए हैं. 850 लोगों का विशेष सहयोगी दस्ता है.
सूचना मिलते ही की जाती है कार्रवाई
कैलाश मकवाना ने बताया, "आप सभी को मालूम है कि गृह क्षेत्र में पद स्थापना नहीं मिलती है. लेकिन हमारे द्वारा बालाघाट में गृह क्षेत्र में पोस्टिंग दी जा रही है और उनके द्वारा जो सूचना दी जाती है उस पर कार्रवाई की जाती है. जितनी भी सूचनाएं मिलती हैं उसके आधार पर हम ऑपरेशन प्लान करते हैं. बालाघाट के हमारे सारे अधिकारी काफी मेहनत से काम कर रहे हैं और लोकल से लेकर सभी लोग हमारे टच में हैं.''

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