धरती आबा योजना से जनजातीय गांवों के लिए वरदान: वन मंत्री केदार कश्यप
रायपुर : वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने आज धरती आबा योजना के तहत आयोजित शिविर में स्वास्थ्य विभाग द्वारा 5 लोगों को आयुष्मान कार्ड और 5 को जन्म प्रमाण पत्र, कृषि विभाग अंतर्गत 5 किसानों को धान बीज, सहकारिता विभाग 6 किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड, 6 विद्यार्थियों को जाति प्रमाण पत्र और ‘एक पेड़ मां के नाम‘ अभियान के तहत 300 ग्रामीणों को पौधे वितरित किए। वन मंत्री कश्यप आज कोण्डागांव जिले के ग्राम गोलावण्ड में आयोजित धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान के अंतर्गत विशेष शिविर में शामिल हुए। इस शिविर में आसपास के 16 गांवों के ग्रामीण बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए। उन्होंने कहा कि धरती आबा अभियान के तहत जनजातीय समुदाय के लोगों को मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास साबित हो रहा है।
वन मंत्री कश्यप ने कार्यक्रम को सम्बोधित करते हुए कि जनजातीय नायक भगवान बिरसा मुंडा के नाम पर शुरू हुई यह योजना अब गांव-गांव तक पहुंच रही है। इसका उद्देश्य सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम पक्ति के व्यक्ति तक पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि, विश्वकर्मा योजना, आयुष्मान भारत योजना और वय वंदना योजना जैसे प्रमुख कार्यक्रमों का लाभ सभी योग्य हितग्राहियों को जल्द से जल्द मिले और कोई भी पात्र व्यक्ति इन योजना से वंचित न रहें। उन्होंने अधिकारियों को सभी महत्वाकांक्षी योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन के निर्देश दिए। कार्यक्रम के अंत में वन मंत्री कश्यप ने सभी ग्रामीणों को नशा मुक्ति की शपथ भी दिलाई।
इस अवसर पर पूर्व विधायक सेवकराम नेताम, जिला पंचायत सदस्य यशोदा कश्यप, रामदई नाग, जनपद अध्यक्ष अनिता कोर्राम, उपाध्यक्ष टोमेन्द्र सिंह ठाकुर, दीपेश अरोरा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, गणमान्य नागरिक और अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।

वायरल सेलिब्रेशन पर पहली बार बोले वैभव सूर्यवंशी, आखिर किसे दिया था संदेश?
यरुशलम हत्याकांड: फ्लैट में मिला भारतीय मजदूर का शव, जांच में जुटी पुलिस
लॉ ग्रेजुएट्स के लिए खुशखबरी! भारतीय सेना में अधिकारी बनने का शानदार अवसर
खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र में उछाल, रोजगार और कारोबार के लिए खुल रहे नए द्वार
दूसरों की किस्मत बताने वाली अन्ना खुद नहीं जान पाईं अपना भविष्य, पावर बैंक ब्लास्ट में झुलसीं
विपक्ष के विरोध से नहीं चली कार्यवाही, दोनों सदनों में मचा घमासान
खर्च की रफ्तार पर CAG की चिंता, 93 हजार करोड़ रुपये का रिकॉर्ड अधूरा
'कौन है ये?' मलाइका अरोड़ा की प्रतिक्रिया बनी चर्चा, भोजपुरी स्टार का नाम सुनकर रह गईं हैरान