कब है आषाढ़ महीने की विनायक चतुर्थी? अयोध्या के ज्योतिषी से जानें पूजा विधि और मुहूर्त
सनातन धर्म धर्म में भगवान गणेश की पूजा का विशेष महत्व है. हिंदू धमिक मान्यता के अनुसार किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत से पहले भगवान गणेश की पूजा की जाती है. हिंदू धार्मिक ग्रंथों के अनुसार हर महीने चतुर्थी तिथि पर व्रत करने और गणेश भगवान की पूजा-अर्चना करने से लोगों के जीवन में आ रही सभी बाधाएं खत्म हो जाती हैं. गौरतलब है कि हर महीने में दो बार चतुर्थी का व्रत रखा जाता है. शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी कहते हैं और कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी कहते हैं. तो चलिए इस रिपोर्ट में विस्तार से समझते हैं कि कब है आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी.
दरअसल, अयोध्या के ज्योतिषी पंडित कल्कि राम ने बताया कि हिंदू पंचांग के अनुसार आषाढ़ माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि की शुरुआत 28 जून को सुबह 6:23 बजे से हो रहा है जिसका समापन 29 जून को प्रातः 5:44 बजे रहोगा. उदया तिथि के अनुसार आषाढ़ माह की विनायक चतुर्थी का व्रत 28 जून को रखा जाएगा. इस दिन भगवान गणेश की विधि विधान पूर्वक पूजा करने का विधान है.
विनायक चतुर्थी के दिन करें ये काम
पंडित कल्कि राम ने बताया कि विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश की पूजा आराधना करते समय 21 दूर्वा अर्पित करना चाहिए. ऐसा करने से भगवान गणेश की विशेष कृपा बनी रहती है. इसके साथ ही श्री गणेशाय नमः मंत्र का जाप करें. इस मंत्र का जाप करने से विघ्नहर्ता की कृपा बनी रहती है और जीवन में सभी तरह की बाधाएं भी खत्म होती है साथ ही विनायक चतुर्थी के दिन पूजा पाठ करते वक्त भगवान गणेश को उनके प्रिय मोदक अथवा बेसन के लड्डू का भोग लगाना चाहिए. इसके साथ ही सिंदूर, लाल फूल, नारियल सुपारी, कलावा और जनेऊ अर्पित करना भी शुभ माना जाता है

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