मणिकर्ण और गड़सा में बादल फटने का कहर, ब्रह्मगंगा और गोमती उफान पर
कुल्लू। जिला कुल्लू में भारी बारिश होने से कई इलाकों में बादल फटने से नुकसान हो गया है। मणिकर्ण घाटी के ब्रह्मगंगा, गड़सा घाटी की गोमती नदी में बादल फटे हैं। इसके अलावा सैंज घाटी के जीवा नाला सहित अन्य कई नालों में भी बादल फटा है, जिससे काफी नुकसान हुआ है। मणिकर्ण के साथ लगती ब्रह्मगंगा की पहाड़ियों में भारी बारिश होने से बादल फटा। बादल फटने से ब्रह्मगंगा नदी का जलस्तर बढ़ा। जिससे ब्रह्मगंगा के घरों में मलबा घुस गया है। वहीं, ग्रामीण अपने-अपने घरों से सुरक्षित जगहों की तरफ भाग गए।
बता दें कि पिछले कई सालों से ब्रह्मगंगा में बादल फटने का सिलसिला जारी है। यहां पर दो-तीन वर्ष पहले तो बाढ़ की भेंट लोग भी चढ़े हैं। जानी नुकसान हुआ है। वहीं, 2023 और 2024 में भी ब्रह्मगंगा में बादल फटने से भारी तबाही हुई है। लेकिन इसके बावजूद भी शासन और प्रशासन यहां के इन घरों को सुरक्षित करने में नाकाम साबित हुए हैं। बरसात के दिनों में लोगों को घर छोड़कर भागना पड़ता है। वहीं, आज भी बरसात शुरू होने से पहले ही ब्रह्मगंगा में बादल फटा और भारी मलबा घरों में घुस गया है। ब्रह्मगंगा में अफरा-तफरी मची हुई है।

सीएम हेल्पलाइन की शिकायत का त्वरित समाधान
सपनों को मिला कलेक्टर का साथ, द कलेक्टर्स-15 से शुरू हुई बदलाव की नई इबारत
मध्यप्रदेश पुलिस के अधिकारी राकेश कुमार कुशवाह ने ओपन इंडिया प्री-स्टेट शूटिंग प्रतियोगिता में जीता स्वर्ण पदक
प्रधानमंत्री मोदी ने सीधी जिले में बने 1500 तालाबों और नरसिंहपुर के अमृत सरोवरों का मन की बात में किया उल्लेख
युवाओं के नवाचार और स्टार्टअप संस्कृति को मिलेगा नया आयाम : वित्त मंत्री ओपी चौधरी
जैविक खेती से एरिन भगत बनीं आत्मनिर्भर, प्राकृतिक कृषि से घटी खेती की लागत
अंतर्राष्ट्रीय बाघ दिवस में भोपाल में "रन फॉर टाइगर का भव्य आयोजन
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने निवाड़ी के नवीन संयुक्त कलेक्ट्रेट भवन का किया लोकार्पण
बिहान योजना से मिली नई पहचान, पोषण सखी बन महिलाओं और बच्चों के स्वास्थ्य की बनीं संरक्षक