अफवाह फैलाने वालों की खैर नहीं! CM ने FIR दर्ज करने के दिए आदेश
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता की अध्यक्षता में मंगलवार देर रात दिल्ली सचिवालय में अवैध निर्माण के खिलाफ चल रहे एक्शन पर एक उच्च स्तरीय बैठक की गई. बैठक में डूसिब, पीडब्लूडी , डीडीए , एमसीडी, नगर निगम, और जल बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे. मुख्यमंत्री ने कहा कि कुछ लोगों द्वारा यह भ्रम फैलाया जा रहा है कि झुग्गियों को तोड़ा जा रहा है, जबकि सरकार ने यह आश्वस्त किया है कि बिना उनको पक्के मकान दिए कोई भी झुग्गी तोड़ी नहीं जाएगी. तोड़फोड़ पर अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी. साथ ही मुख्यमंत्री द्वारा अफवाह फ़ैलाने वालो पर एफआईआर भी दर्ज करने के निर्देश दिए गए है.
बैठक में मुख्यमंत्री ने झुग्गियों में रहने वाले नागरिकों के लिए मूलभूत सुविधाएँ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से एक बहु-आयामी कार्ययोजना पर चर्चा की. उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि झुग्गी कॉलोनी में सीवर, जल निकासी, पेयजल, सड़क, स्ट्रीट लाइट, सामुदायिक शौचालय और कचरा प्रबंधन जैसी आवश्यक सुविधाओं की तत्काल व्यवस्था की जाए. उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने झुग्गियों में बेहतर सुविधाएँ मुहैया कराने हेतु 700 करोड़ का बजट आवंटित किया है.
हर झुग्गीवासी को सम्मान के साथ जीने का अधिकार
बैठक में चर्चा के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि हर झुग्गीवासी को सम्मान के साथ जीने का अधिकार है. यह हमारी जिम्मेदारी है कि उन्हें भी वही सुविधाएँ मिलें जो शहर के अन्य नागरिकों को प्राप्त हैं. सरकार का उद्देश्य सिर्फ पुनर्विकास नहीं, बल्कि जीवन स्तर में सुधार है. मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि दिल्ली की सभी झुग्गी बस्तियों का पुनर्विकास चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा. झुग्गियों से सम्बंधित कोई भी कार्य करने से पहले सरकार को सूचना देना अनिवार्य है.
सभी झुग्गियों में सुनिश्चित होगी सीवर और जल निकासी की व्यवस्था
मुख्यमंत्री ने कहा कि सभी झुग्गियों में सीवर लाइन और जल निकासी की व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी, ताकि जलजमाव और गंदगी की समस्या का स्थायी समाधान हो सके. साथ ही, स्वच्छ पेयजल की नियमित आपूर्ति, सड़कों का निर्माण, सुधार और स्ट्रीट लाइटिंग जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाएगी. स्वास्थ्य और स्वच्छता के मद्देनज़र सार्वजनिक स्थानों पर सामुदायिक शौचालय और स्नानघर बनाए जाएंगे, जिनका नियमित रखरखाव सुनिश्चित किया जाएगा. साथ ही ठोस कचरा प्रबंधन प्रणाली लागू की जाएगी और कचरा संग्रहण के लिए नियमित रूप से वाहन तैनात किए जाएंगे. उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी विभाग मिलकर एकीकृत कार्ययोजना तैयार करें ताकि झुग्गी क्षेत्रों में विकास कार्य तेजी से और प्रभावी ढंग से हो सकें. अंत में, उन्होंने सख्त हिदायत दी कि कोई भी झुग्गी क्षेत्र बुनियादी सुविधाओं से वंचित न रहे और सभी कार्य समयबद्ध ढंग से पूरे किए जाएं.
बैठक में अफसरों ने यह भी जानकारी दी कि ज्यादातर कार्यवाही उन अवैध कब्जों के खिलाफ की जा रही है, जिनके कारण यातायात बाधित हो रहा है या आवाजाही प्रभावित हो रही है. मुख्यमंत्री ने कहा कि जिन स्ट्रीट वेंडरों के पास प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के कागजात हैं, उन्हें वैकल्पिक स्थल की व्यवस्था भी की जाए. उन्होंने कहा कि हम जनसेवक हैं, जनता के लिए हम जवाबदेह हैं, इसलिए ऐसे कार्यों में मानवीय पक्ष का भी ध्यान रखा जाना चाहिए.
मुख्यमंत्री ने अफसरों को यह भी आदेश दिए कि जिनका पुनर्वास किया गया है, वहां पर बिजली-पानी आदि की व्यवस्था का भी ध्यान रखा जाए.

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