जापान से मध्यप्रदेश में निवेश के खुलेंगे नए द्वार
जापान और मध्यप्रदेश के बीच आर्थिक सहयोग, तकनीक हस्तांतरण और साझा विकास के अवसरों पर चर्चा हुई
भोपाल। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में पार्टनर कंट्री जापान के साथ आर्थिक सहयोग बढ़ाने और मध्यप्रदेश में निवेश के नए द्वार खोलने के लिए एक महत्वपूर्ण क्रॉस कंट्री सेशन का आयोजन किया गया। सेशन में जापान और मध्यप्रदेश के बीच आर्थिक सहयोग, तकनीक हस्तांतरण और साझा विकास के अवसरों पर चर्चा हुई। इसमें जापान और भारत के उद्योग जगत के प्रमुख प्रतिनिधियों ने भाग लिया और निवेश एवं व्यापारिक संबंधों को सशक्त करने के विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार रखे।
कौंसुलेट जनरल ऑफ जापान यागी कोज़ी, जापान एक्सटर्नल ट्रेड ऑर्गेनाइजेशन (जेट्रो) के डायरेक्टर जनरल हीरोयुकी कितामारु, जेट्रो के डायरेक्टर संजय भाटिया और ब्रिजस्टोन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर हिरोशी योशीजाने ने अपने विचार रखे। इन विशेषज्ञों ने जापान और मध्यप्रदेश के बीच आर्थिक सहयोग को और अधिक सशक्त बनाने के लिए विभिन्न सुझाव दिये।
जापान और मध्यप्रदेश के संबंधों को मिलेगा नया आयाम
सेशन के दौरान जापानी प्रतिनिधियों ने मध्यप्रदेश में निवेश की संभावनाओं, औद्योगिक विकास, तकनीकी और व्यापारिक साझेदारी पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि राज्य में ऑटोमोबाइल, मैन्युफैक्चरिंग, आईटी, फार्मा, इलेक्ट्रॉनिक्स और नवकरणीय ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में जापानी कंपनियों के लिए असीम संभावनाएं मौजूद हैं।
कौंसुलेट जनरल यागी कोज़ी ने अपने संबोधन में कहा कि जापान और भारत के संबंध ऐतिहासिक रूप से काफी मजबूत रहे हैं और हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच व्यापारिक गतिविधियाँ बढ़ी हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश सरकार की निवेश-अनुकूल नीतियों की सराहना करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में राज्य में उद्योगों के लिए अनुकूल वातावरण है, जो जापानी कंपनियों को आकर्षित करने में है।
जेट्रो के डायरेक्टर जनरल हीरोयुकी कितामारु ने कहा कि जापान की कई प्रमुख कंपनियाँ भारत में पहले से ही कार्यरत हैं और वे अपने व्यवसाय को और विस्तार देने की योजना बना रही हैं। उन्होंने मध्यप्रदेश की औद्योगिक अधोसंरचना की प्रशंसा करते हुए कहा कि राज्य में जापानी निवेशकों के लिए विशेष रूप से अनुकूल अवसर उपलब्ध हैं।
निवेश आकर्षित करने पर जोर
ब्रिजस्टोन इंडिया के मैनेजिंग डायरेक्टर हिरोशी योशीजाने ने कहा कि उनकी कंपनी मध्यप्रदेश में पहले से ही कार्यरत है। उन्होंने यहाँ की सुविधाओं, कुशल श्रमिकों और व्यापार के अनुकूल नीतियों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि जापान की कंपनियाँ यहाँ मैन्युफैक्चरिंग और टेक्नोलॉजी ट्रांसफर के लिए निवेश करने को इच्छुक हैं।
सेशन के दौरान जापानी और भारतीय प्रतिनिधियों के बीच आर्थिक संबंधों को मजबूत करने, जापानी निवेश को मध्यप्रदेश में आकर्षित करने और औद्योगिक सहयोग बढ़ाने पर भी संवाद हुआ। प्रदेश के निवेशकों ने जापानी प्रतिनिधियों से उनके अनुभव और भविष्य की योजनाओं के बारे में चर्चा की।
ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट के इस विशेष सत्र को दोनों देशों के आर्थिक और औद्योगिक संबंधों को नई ऊंचाई देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा और तकनीकी उन्नति और उद्योगों के विकास को भी नई गति मिलेगी।

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