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हमे भोजन चाहिए, तंबाकू नहीं”।(वी नीड फूड , नो टोबैको) 31 मई 2023 के वैश्विक अभियान का उद्देश्य

धार

हमे भोजन चाहिए, तंबाकू नहीं”।(वी नीड फूड , नो टोबैको) 31 मई 2023 के वैश्विक अभियान का उद्देश्य

वैश्विक खाद्य संकट संघर्ष, जलवायु परिवर्तन, कोविड-19 महामारी के प्रभावों के साथ-साथ, यूक्रेन में युद्ध के तरंग प्रभावों से बढ़ रहा है, जिससे भोजन, ईंधन और उर्वरक की बढ़ती कीमतें बढ़ रही हैं। तम्बाकू उगाना और उत्पादन दीर्घकालिक, वैश्विक,पारिस्थितिक नुकसान और जलवायु परिवर्तन की ओर ले जाता है, और कृषि और खाद्य सुरक्षा के भविष्य को निर्धारित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डब्ल्यूएचओ ने इस वर्ष विश्व तंबाकू निषेध दिवस के लिए 2023 के वैश्विक अभियान की घोषणा की है।
तंबाकू किसानों के लिए वैकल्पिक फसल उत्पादन और विपणन के अवसरों के बारे में जागरूकता बढ़ाना और उन्हें टिकाऊ, पौष्टिक फसलें उगाने के लिए प्रोत्साहित करना है। इसका उद्देश्य तंबाकू उद्योग के स्थायी फसलों के साथ बढ़ते तंबाकू को बदलने के प्रयासों में हस्तक्षेप करने के प्रयासों का पर्दाफाश करना भी होगा, जिससे वैश्विक खाद्य संकट में योगदान होगा।

तम्बाकू उगाना और उत्पादन खाद्य असुरक्षा को बढ़ाता है
बढ़ता खाद्य संकट संघर्षों और युद्धों, जलवायु संबंधी झटकों और कोविड-19 महामारी के आर्थिक और सामाजिक प्रभावों से प्रेरित है। फसल की पसंद जैसे संरचनात्मक कारणों का भी प्रभाव पड़ता है, और तम्बाकू उगाने पर एक नज़र डालने से पता चलता है कि यह खाद्य असुरक्षा को बढ़ाने में कैसे योगदान देता है।

दुनिया भर में लगभग 3.5 मिलियन हेक्टेयर भूमि हर साल तम्बाकू उगाने के लिए परिवर्तित की जाती है। तम्बाकू उगाना भी एक वर्ष में 200000(दो लाख) हेक्टेयर वनों की कटाई में योगदान देता है।
तम्बाकू उगाना संसाधन गहन है और इसके लिए कीटनाशकों और उर्वरकों के भारी उपयोग की आवश्यकता होती है, जो मिट्टी के क्षरण में योगदान करते हैं।
तम्बाकू उगाने के लिए उपयोग की जाने वाली भूमि में अन्य फसलों, जैसे कि भोजन, को उगाने की क्षमता कम होती है, क्योंकि तम्बाकू मिट्टी की उर्वरता को कम कर देता है।
अन्य कृषि गतिविधियों की तुलना में जैसे कि मक्का उगाना और यहां तक ​​कि पशुओं को चराना, तम्बाकू की खेती का पारिस्थितिक तंत्र पर कहीं अधिक विनाशकारी प्रभाव पड़ता है क्योंकि तम्बाकू के खेतों में मरुस्थलीकरण की संभावना अधिक होती है।
नकद फसल के रूप में तम्बाकू से प्राप्त होने वाला कोई भी लाभ कम और मध्यम आय वाले देशों में स्थायी खाद्य उत्पादन को हुए नुकसान की भरपाई नहीं कर सकता है। इस पृष्ठभूमि के खिलाफ, तम्बाकू उगाने को कम करने और किसानों को वैकल्पिक खाद्य फसलों के उत्पादन में मदद करने के लिए कानूनी उपाय करने की तत्काल आवश्यकता है।

वैकल्पिक आजीविका के निर्माण का समर्थन करना,
तम्बाकू उद्योग अक्सर स्वयं को तम्बाकू किसानों की आजीविका के हिमायती के रूप में प्रस्तुत करता है। यह सच्चाई से कोसों दूर है। तम्बाकू की खेती के दौरान कीटनाशकों और जहरीले रसायनों की गहन हैंडलिंग कई किसानों और उनके परिवारों को खराब स्वास्थ्य से पीड़ित करने में योगदान देती है। इसके अलावा, तम्बाकू कंपनियों के साथ अनुचित संविदात्मक व्यवस्था किसानों को दरिद्र बना देती है, और बाल श्रम जो अक्सर तम्बाकू की खेती में बुना जाता है, शिक्षा के अधिकार में हस्तक्षेप करता है और मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

2023 वर्ल्ड नो टोबैको डे अभियान सरकारों और नीति-निर्माताओं से आह्वान करता है कि वे कानून को आगे बढ़ाएं, उपयुक्त नीतियों और रणनीतियों को विकसित करें, और तम्बाकू किसानों के लिए बाजार की स्थितियों को बढ़ती खाद्य फसलों की ओर स्थानांतरित करने में सक्षम बनाएं जो उन्हें और उनके परिवारों को बेहतर जीवन प्रदान करे।
धार शहर जिला धार में जिला प्रशासन,सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन विभाग के मार्गदर्शन में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम (एनटीसीपी) अन्तर्गत धार के लालबाग बॉटनिकल गार्डन में एक संयुक्त महारैली का आयोजन किया गया। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गो से होकर गुजरी, जिसमें सैकड़ों विद्यार्थियों द्वारा हाथो में तख्तियां लेकर तंबाकू नशा ना करने की अभिव्यक्ति की।
कार्यक्रम का विषय था वी नीड फूड नो टोबैको(हमें भोजन चाहिए ,तंबाकू नहीं) इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में विधायक नीना विक्रम वर्मा, डॉ.क्षितिज व्यास, भोज शोध संस्थान के निदेशक डॉ. दीपेंद्र शर्मा , आयोजन के नोडल अधिकारी एसडीएम वीरेंद्र कटारे,
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी जिला धार, सीएमएचओ ऑफिस स्टॉफ सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक धार , कार्यक्रम के संचालनकर्ता वरिष्ठ दंत रोग विशेषज्ञ डॉ. जी.जे.जेम्स,नगरपालिका अधिकारी धार निशिकांत शुक्ला, जिला स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. सुधीर मोदी, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ.नरेंद्र पवैया,नगरपालिका
अधीक्षक संजय सिंह ठाकुर,नगरपालिका गतिविधि अधिकारी पीयूष जोशी, आरएमओ जिला चिकित्सालय डॉ.संजय जोशी,जिला भोज चिकित्सालय स्टॉफ, सामाजिक न्याय एवं निशक्तजन विभाग के अवनीश कुमार दुबे एवं स्टॉफ,
पीजी कॉलेज के प्रोफेसरगण,
आईटीआई कॉलेज के पदाधिकारीगण,जिला कार्यक्रम प्रबंधक डॉ.वीरेंद्र सिंह रघुवंशी, डीसीएम मुकेश मालवीय, एनटीसीपी यूनिट के कमलेश शिवले,मोहित वर्मा,
भोज जागरूक महिला मंडल की प्रमुख मीना अग्रवाल,जिला मलेरिया अधिकारी धर्मेंद्र जैन, एएनएम ट्रेनिंग सेंटर सीएमएचओ ऑफिस के शिक्षक एवं नर्सिंग छात्राएं, नित्यानंद नर्सिंग कालेज का स्टॉफ एवं छात्राएं , एएनएम धार शहरी,आशा कार्यकर्ता,आमंत्रण एवं अनुरोध श्रीमती उषा देवी सामाजिक जन कल्याण सेवा समिति धार से श्री राहुल पाल उपस्थित रहें।

तंबाकू से होने वाले रोग, इसके प्रयोग पर मनोवैज्ञानिक निर्भरता तथा इसके प्रयोग से परिवार को होने वाली आर्थिक हानि के साथ ही तंबाकू नियंत्रण कानून(कोटपा-2003)के बारे में उपस्थित जनसमुदाय को विस्तृत जानकारी दी गई।साथ ही तंबाकू नशा ना करने की दिलाई गई।

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